Durga Mantra : 03

 


देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोखिलस्य।
प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥

साधक इस मंत्र का जप विपत्तियों के नाश के लिए करते हैं.

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